शुक्रवार 12 जून 2026 - 04:22
दूसरों पर एहसान जताने की आफ़त

इमाम हसन मुजतबा (अ) ने एक रिवायत में एहसानों और नेकियों को गिन-गिनकर जताने के नुकसान की ओर संकेत किया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत "बिहारुल अनवार" किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः

قال الامام حسن مجتبیٰ علیه السلام:

مَن عَدَّدَ نِعَمَهُ مَحَقَ کَرَمَهُ

इमाम हसन मुजतबा (अ) ने फ़रमाया:

“जो व्यक्ति अपनी दी हुई नेमतों और किए हुए एहसानों को गिन-गिनकर याद दिलाता है, वह अपनी उदारता और महानता को स्वयं नष्ट कर देता है।”

बिहारुल अनवार, भाग 78, पृष्ठ 115।

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